आज बहुत समय हो गया 2011 में मैंने यहां पर पहली पोस्ट डाली थी।समय कहा गुजर गया कुछ पता ही नहीं चलता ।कुछ पाने के लिए कुछ बनने के लिए मै सब भूल गया ।मै कहा था ,मै क्या कर रहा था अब तक कुछ खास नहीं है।कुछ भी बताने लायक मेरी जिंदगी में नहीं है।बहुत साधारण जीवन शैली है मेरी ,मै लोगो को खुश करते करते उम्र के किस पड़ाव तक पहुंच आया हूं।की अब जिंदगी से कुछ मांगना मेरे लिया बहुत गलत होगा।उम्र के 35 वर्ष कैसे गुजर गए कुछ पता ही नहीं चला ।मै सोचता गया पर मुझे मेरे हिसाब से कुछ नहीं मिला ।बस जिंदगी में सांतवना ही मिलती रही ।मै ईश्वर का धन्यवाद करता हूं की उसका हिसाब किताब मेरे जीवन में अच्छा है।मुझे लगता है वह मेरे जीवन में ज्यादा दखल देता है ।मेरे विचारो मेरी सोच के हमेशा विरोध में रहता है।पता नहीं क्यों लोग अपने जीवन का वो रंगीन हिस्सा जीवन के संघर्षों में गुजार देते हैं ?मै तो बस किनारों तक ही पहुंच पाया अभी तक ।किनारों से आगे बढ़ ही नहीं पाया ।मुझे जिम्मेदारियों और कर्तव्यों ने किनारों के आगे बढ़ने ही नहीं दिया।मुझे या तो भावनाओ में बहा दिया गया। या मुझे बेड़ियों में बांध दिया गया।मेरे ऊपर भा...